भारत के शोषक जातियों के नाम एक खुला पत्र
दिनांक: 09.04.2025 भारत में जाति को लेकर जो बहस चल रही है—जो पिछले सौ वर्षों में समय-समय पर शक्तिशाली रूप से उभरी है—उसने एक बार फिर राष्ट्रीय अंतरात्मा को झकझोर दिया है। यह संवाद, जो ऐतिहासिक रूप से श्री ज्योतिराव फुले, डॉ. भीमराव अंबेडकर और नामदेव धसाल जैसे दलित पैंथर नेताओं के नेतृत्व में चला, […]
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